Pipa Bhatiji Temple. Natata

Pipa Bhatiji Temple. Natata: जयपुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर नटाटा ग्राम स्थित है जो जयपुर दिल्ली मार्ग पर स्थित ग्राम कुंडा से पक्की सड़क द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ भोमियाजी श्री वीर पीपा भाटीजी का मंदिर है। यहां प्रतिवर्ष चैत्र सुदी पूर्णिमा को मेले का आयोजन होता है। इनका…

Jobner an anciant place of jaipur

 Jobner Jaipur:            जोबनेर अत्यंत प्राचीन स्थान है। कूर्म विलास में इसका नाम जोगनेर (योगिनी का नगर) लिखा गया है जो इसका प्राचीन नाम प्रतीत होता है। साहित्यिक ग्रंथों तथा शिलालेखों में इसे जोवनपुरी, जुब्बनेर, जोबनेरि, जोबनेर आदि नामों से कहा गया है। यह कस्बा जयपुर से…

Samode Rajasthan

Samode Rajasthan:          सामोद चौमू से 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सामोद में शीश महल तथा सुलतान महल दर्शनीय है। शीश महल में कांच का बहुत ही सुन्दर काम है। सुलतान महल में प्रणय तथा शिकार के दृश्यों का अच्छा चित्रांकन किया गया है। अब…

Chaumu fort Chaumuha garh

चौमू जयपुर से 31 किलोमीटर दूर है तथा आमेर तहसील में स्थित है। यहां  स्थित दुर्ग चौमुहागढ़ के नाम पर यह क़स्बा चौमू कहलाता है। इस दुर्ग की नींव राव करणसिंह नाथावत ने ई. 1595 में रखी। तब यहां  सघन वन हुआ करता था। इस दुर्ग की भूमि का चयन…

Bassi Jaipur

Bassi Jaipur:   बस्सी जयपुर से 33 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यहां  नई का नाथ मंदिर, कल्याणजी का मंदिर तथा अन्य स्थान दर्शनीय हैं। नई का नाथ मंदिर पहाड़ियों के बीच स्थित है तथा काफी प्राचीन है। भगवान शिव के इस मंदिर में श्रावण सुदी 14 को प्रतिवर्ष विशाल मेले…

Diggipuri ka Raja

Diggipuri ka Raja:        जयपुर से लगभग 78 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित डिग्गी ‘डिग्गीपुरी के राजा श्रीकल्याणजी’ के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इंद्र के कोप से दण्डित होकर अप्सरा उर्वशी बारह वर्ष के लिए मृत्युलोक में आई। राजा डिग्गी उस पर मोहित हो गया।…

Bhadwa Jaipur

 Bhadwa Jaipur:                जयपुर से 72 किलोमीटर दूर स्थित भादवा दादू तथा निरंजनी सम्प्रदाय की पीठों के लिए प्रसिद्द है। भादवा का दादु पीठ ‘स्यामीजी का जागा’ (स्वामीजी की जगह) के नाम से विख्यात है। यह पीठ दादु के शिष्य रज्जब की शिष्य परंपरा में…

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